वोटरों को लुभाने में एक बार फिर नेताजी जुट गए हैं। वादों की बौछारें दनादन हो रही हैं। पर शायद नेताजी भूल गए हैं। पिछले चुनाव में जो वादे किए, जो समस्याएं सुनीं, वहीं आज भी मुंह बाए खड़ी हैं। कंकड़बाग...from Live Hindustan Rss feed http://bit.ly/2KXb1TB
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