आजादी के पहले और कुछ बाद तक हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला साहित्यिक गतिविधियों का एक बड़ा सालाना केन्द्र हुआ करता था। लेकिन 90 के दशक से वे सारी परंपराएं या तो बंद हो गईं या उनका प्रवाह क्षीण हो गया, जो...from Live Hindustan Rss feed https://ift.tt/2PXnkkN
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