
जिस ज्ञान के मंदिर से मैंने संगीत की शिक्षा ली। शरारतें की, नाची-गायी, धमाचौकड़ी मचायी और डांट खायी, उस मगध महिला कॉलेज की जय। आज मैं जो कुछ भी हूं इस कॉलेज की वजह से हूं। मैं कहीं रहूं, अपनी जमीन से...
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